चल-चित्र: रोग
स्वर: के के
संगीत: एम एम क्रीम
शब्द: नीलेश मिश्रा
तेरे इस जहाँ में ऐ खुदा वो नहीं तो लगता है कुछ नहीं
नहीं हो के भी वो हर जगह करूँ क्यूँ यकीन की वो अब नहीं,
तेरे इस जहाँ में ऐ खुदा वो नहीं तो लगता है कुछ नहीं है
है उदास तेरे बिना शहर, तुझे याद करते हैं रास्ते,
है वो लोग अपने घरों में बंद, जो निकलते थे तेरे वास्ते,
बहारें जवानी कहाँ गयी, थी अभी खिजां की रुत नहीं,
तेरे इस जहाँ में ऐ खुदा वो नहीं तो लगता है कुछ नहीं।
सब जीते हैं यहाँ जिंदगी, तुझे जिंदगी ने जिया मगर,
था वो रब भी तनहा तेरे बिना , तू बना लिया तुझे हमसफ़र,
तुझे छीन ल खुदा से मैं, कोई उस का तुझ पे तो हक नहीं,
तेरे इस जहाँ में ऐ खुदा वो नहीं तो लगता है कुछ नहीं।
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