Saturday, December 20, 2008

चल-चित्र: आनंद
स्वर: मन्ना डे
संगीत: सलील चौधरी
शब्द: योगेश गौड़


जिंदगी कैसी है पहेली हाय ,
कभी तो हंसाये,
कभी ये रुलाये।

कभी देखो मन नही जागे,
पीछे पीछे सपनों के भागे,
एक दिन सपनों का राही,
चला जाए सपनों से आगे कहाँ?
जिंदगी कैसी है पहेली हाय ,
कभी तो हंसाये, कभी ये रुलाये।

जिन्होंने सजाये यहाँ मेले,
सुख दुःख संग संग झेले,
वही चुन कर खामोशी,
यूँ चले जाए अकेले कहाँ?
जिंदगी कैसी है पहेली हाय ,
कभी तो हंसाये,
कभी ये रुलाये।

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